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हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! मैं पश्चाताप में तेरी ओर मुड़ा हूँ। वस्तुतः तू ही क्षमादाता, करुणामय है। हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! मैं तेरे पास लौट आया हूँ और सत्य ही, तू ही सदा क्षमाशील, कृपालु है।
हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! मैं तेरी कृपा की डोर से बंध गया हूँ। तेरे ही पास आकाश और धरती की सभी सम्पदाओं का अक्षय भण्डार है।
हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! मैंने तेरी ओर आने की शीघ्रता की है और सत्य ही, तू ही क्षमा करने वाला और कृपा का स्वामी है।
हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! मैं तेरी कृपा की दिव्य मदिरा का प्यासा हूँ। और सत्य ही तू दाता, कृपालु, सर्वसामर्थ्यवान, सर्वशक्तिशाली है।
हे ईश्वर, मेरे ईश्वर! मैं साक्षी देता हूँ कि तूने अपना धर्म प्रकट किया है, अपना वचन पूरा किया है और अपनी कृपा के आकाश से उसे अवतरित किया है, जिसने तेरे कृपापात्रों के हृदय तेरी ओर खींच लिये हैं। सौभाग्य होगा उसका जिसने तेरी मजबूत डोर को दृढ़ता से थाम लिया है और तेरे देदीप्यमान परिधान की छोर से जो दृढ़ता से बंधा है।
हे समस्त अस्तित्व के स्वामी, गोचर और अगोचर के सम्राट ! मैं तेरी शक्ति, तेरी भव्यता और तेरी सम्प्रभुता के नाम पर याचना करता हूँ कि अपनी महिमा की लेखनी द्वारा मेरा नाम अपने उन श्रद्धालु भक्तों की श्रेणी में अंकित कर दे, जिन्हें पापियों के लम्बे लेख तेरे मुखारबिंद के प्रकाश की ओर उन्मुख होने से रोक नहीं पाये हैं। हे प्रार्थना सुनने वाले और उसका प्रत्युत्तर देने वाले ईश्वर !
- Bahá'u'lláh