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महिमा हो तेरी, हे ईश्वर, मेरे स्वामी! मैं तुझसे याचना करता हूँ कि क्षमा कर दे मुझे और उन्हें, जो तेरे धर्म के समर्थक हैं। वस्तुतः, तू सर्वसमर्थ स्वामी, क्षमादाता, सर्वाधिक उदार है। अपने वैसे सेवकों को, जो ज्ञानविहीन हैं, अपने धर्म को स्वीकार करने के योग्य बना, क्योंकि एक बार यदि वे तेरे बारे में जान जायेंगे तो वे न्याय दिवस की सत्यता के साक्षी बनेंगे और तेरी कृपा के प्रकटीकरण का विरोध नहीं करेंगे। उनके लिये अपनी दया के चिन्ह भेज और वे जहाँ कहीं भी निवास करें उन्हें अपनी उदारता का अंशदान दे, जिसका विधान तूने उनके लिये किया है जो तेरे सेवकों के बीच विशुद्ध हृदय हैं। तू सत्य ही सर्वोपरि सम्राट, सर्वकृपालु, परम करुणामय है। अपनी कृपा और अपने आशीषों की बूंदें बरसने दे वहाँ जिनके निवासियों ने तेरे धर्म को अपनाया है। वस्तुतः, क्षमादान देने में तू सर्वोपरि है। यदि तेरी कृपा उन तक नहीं पहुँच पायेगी तो तेरे इस दिवस में वे तेरे भक्तों में कैसे गिने जायेंगे। मुझे आशीष दे, हे मेरे ईश्वर! और उन्हें भी जो इस पूर्व निर्धारित दिवस में तेरे चिन्हों पर विश्वास करेंगे! जो अपने हृदयों में तेरा प्रेम धारण करते हैं, ऐसा प्रेम जिसे तूने ही उन्हें दिया है, सत्य ही, तू न्याय का स्वामी, सर्वोच्च है!
- The Báb