Return to BahaiPrayers.net
Facebook
हे स्वामी, इस युवा को दीप्तिमान बना और इस अकिंचन प्राणी को अपनी उदारता प्रदान कर। इसे ज्ञान प्रदान कर, प्रत्येक प्रभात के साथ इसे शक्ति दे और अपने संरक्षण के आश्रय में इसे सुरक्षा दे ताकि यह भूल से मुक्त हो सके, स्वयं को तेरे धर्म की सेवा में समर्पित करे, पथभ्रष्टों का मार्गदर्शन कर सके, अभागो को राह दिखा सके, दासों को मुक्त कर सके और असावधानों को जगा सके। जिससे सभी तेरे स्मरण और स्तुति से धन्य हो सकें। तू शक्तिशाली और शक्तिसम्पन्न है।
(”.....आरम्भ से ही बच्चों को ईश्वर का ज्ञान कराना चाहिये और ईश्वर का स्मरण करने के लिये उन्हें याद दिलाते रहना चाहिये। उनके अन्तर्मन में ईश्वर का प्रेम कुछ इस तरह व्याप्त हो जाने दें जैसे उनकी माँ का दूध उनकी नस-नस में घुल-मिल जाता है.....“)
- `Abdu'l-Bahá