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महिमा हो तेरी, हे मेरे ईश्वर! सत्य ही, तेरा यह सेवक और तेरी यह सेविका तेरी दया की छत्रछाया में एकत्रित हुए हैं और तेरी कृपा और तेरी उदारता के प्रताप से एकता के सूत्र में बंधे हैं। हे स्वामी! अपने इहलोक और अपने साम्राज्य में इनकी सहायता कर और अपनी उदारता, कृपा द्वारा उनके लिये प्रत्येक शुभ का विधान कर। हे स्वामी, इन्हें अपने दासता में सुदृढ़ बना और अपनी सेवा में उनकी सहायता कर। अपने लोक में उन्हें अपने नाम के प्रतीक चिन्ह होने दें और अपने प्रदानों के द्वारा उनकी सुरक्षा कर जो इस लोक और आगामी लोक में अनन्त हैं। हे स्वामी, वे तेरी दयालुता के साम्राज्य से याचना कर रहे हैं और तेरी एकमेवता के लोक का आह्वान कर रहे हैं। सत्य ही, उन्होंने तेरे आदेश के पालन हेतु विवाह किया है। जब तक समय का अस्तित्व है, उन्हें एकता और सामंजस्य के प्रतीक बना। सत्य ही, तू सर्वशक्तिशाली, सर्वव्यापी और सर्वसामर्थ्यवान है।
- `Abdu'l-Bahá