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हे मेरे ईश्वर! हे मेरे ईश्वर! ये दो उज्ज्वल नक्षत्र तेरे प्रेम के कारण परिणय सूत्र में बंधे हैं, तेरी पावन देहरी की सेवा के लिये एक हुए हैं, तेरे धर्म के कार्यों के निमित्त एकाकार बने हैं। हे मेरे स्वामी, सर्वकृपालु ईश्वर! तू इस विवाह को अपनी असीम अनुकम्पा का प्रकाश-सूत्र बना दे, हे कल्याणकर्ता, हे दाता! इन्हें अपने वरदानों की ऐसी जगमगाती किरण बना दे कि इस महान वृक्ष से ऐसी शाखाएँ फूटें जो तेरे उपहारों की वर्षा में विकास करें।
सत्य ही तू उदार, सर्वशक्तिशाली, दयालु, सर्वकृपालु है!
- `Abdu'l-Bahá