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हे मेरे ईश्वर, मेरे स्वामी, मेरी आकांक्षा के लक्ष्य! तेरा यह सेवक, तेरी दया के आश्रय में और तेरी सुरक्षा तथा तेरे संरक्षण की चाह में सोना चाहता है, तेरी कृपा की छत्रछाया तले विश्राम करना चाहता हैं।
मैं तुझसे याचना करता हूं, हे मेरे स्वामी, तेरा नेत्र जो कभी सोता नहीं है, मेरे नेत्र को अपने अतिरिक्त अन्य कुछ भी देखने से बचा। मेरी दृष्टि को इतना सशक्त बना कि ये तेरे चिन्हों को देख सकें और तेरे प्रकटीकरण के क्षितिज का अवलोकन करें। तू वह है जिसकी शक्तिमानता की अभिव्यक्ति के समक्ष शक्ति का सार भी प्रकम्पित हो उठा है।
तेरे अतिरिक्त अन्य कोई ईश्वर नहीं है, तू ही है सर्वशक्तिमान, सर्ववशकारी और अप्रतिबंधित।
- Bahá'u'lláh