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हे ईश्वर! मेरे ईश्वर! तेरे प्रेम की डोर थामे हुए मैं अपने घर से निकल पड़ा हूँ, मैंने पूरी तरह से तेरी देख-रेख और तेरे संरक्षण में स्वयं को सौंप दिया है। तेरी उस शक्ति के नाम से, जिससे तूने अपने प्रियजनों को राह भटकने और पतन से रोका है, दुराग्रही एवं अत्याचारियों से दूर रखा है और अपने से दूर भटके दुराचारियों से बचाया है, मैं याचना करता हूँ कि अपनी कृपा और अनुकम्पा से मुझे सुरक्षित रख। अपनी शक्ति और सामर्थ्य की शक्ति से मुझे अपने घर वापस लौटने में समर्थ बना। तू सत्य ही, सर्वशक्तिशाली, संकट में सहायक, स्वयंजीवी है।
- Bahá'u'lláh