The Universal House of Justice
Ridván 2026
To the Bahá’ís of the World
Dearly loved Friends,
धिश्व के बहाइयों को संबोधित परणम धिय धमत्रों अब नौ िर्षीय योजना का िसू रणा, महानतरण चरण आरणंभ हो रणहा ह।ै हम िखे ते ह ैं दक िैधश्वक बहाई समुिाय एक साथ, उधचत आत्मधिश्वास के साथ उस मार्ग परण अग्रसरण हो रणहा है, धजसे उसने धनिागररणत दकया ह।ै इसकी स्पष्टता औरण िढ़ृ धिश्वास त्रुरिहीन ह।ै धिश्व में बढ़ती उथल-पुथल से अधिचधलत, यह अपने पधित्र धमशन परण केंदित ह।ै हमें धिशेर्ष रूप से यह िखे करण हर्षग होता ह ै दक नए संपुष्ट अनुयायी सेिा औरण कायग के क्षेत्र में उत्सुकता से उनके साथ अपना स्थान िाप्त करण रणह े हैं, जो लंबे समय से िभुिमग में संपुष्ट ह।ैं तीसरणे मील के पत्थरण िाले समुिाय-समूह समृद्ध अनुभि िाप्त करणने औरण उसका िसारण करणने के धलए उपजाऊ भूधम धसद्ध हो रणह े ह।ैं औरण हमें यह िखे करण भी िसन्नता हुई दक धमत्र हरण जर्ह हमारणे उस संिशे परण धिचारण करण रणह े हैं, धजससे हमने दिसंबरण में यहााँ एकधत्रत सलाहकारणों को संबोधित दकया था, औरण इसकी धिर्षयिस्तु को अपनी योजना औरण कायों में उपयोर् करण रणह े ह।ैं
यह उद्दश्े यपू ग चेतना धिशेर्ष रूप से उन संस्थार्त बैठकों में स्पष्ट दिखी है, जो धिश्व भरण में आयोधजत की र्ई ह।ैं बारण-बारण, इन बैठकों के धििरण ों में एक ही पररणिश्ृ य को ररणपोिग दकया र्या है: एक र्हन, अंतिधगृ ष्टपू ग िातागलाप, जीिंत समुिायों के धनमाग के ित्यक्ष अनुभि परण आिाररणत न दक िारण ाओं या धसद्धांत परण। यह िातागलाप ित्येक स्थान परण जारणी सीखने की िदिया से अनुिाध त होता ह।ै यह बहाई समुिाय के ियासों के महत्ि औरण दिशा की आिश्यकता से व्याकुल धिश्व के धलए इन ियासों के िाररणत धनधहताथों की र्हरणी समझ से ओत-िोत ह।ै धजम्मेिारणी औरण सकं ल्प की भािना व्यापक रूप से अनुभि की र्ई है, औरण काय ग की व्यापकता के िधत तीर ज जार्रूकता ह।ै अक्सरण, यह िातागलाप एक अधतररणक्त, पूरणक िधृ ष्टको उपलब्ि करणाता ह ै जो समुिायों औरण व्यधक्तयों के ियासों को केिल कायगिमों औरण पररणयोजनाओं की खोज के रूप में नहीं, बधल्क दिव्य धशक्षाओं परण आिाररणत जीिन शैली के पोर्ष करणने के रूप में पहचान करणती है—दियाओं, अंतरणदियाओं औरण आकाक्षं ाओं को आकारण िने ा।
सीखने की िधतबद्धता को िशागने िाला यह र्ंभीरण िातालग ाप, रणाष्ट्रीय औरण क्षेत्रीय स्तरणों स े लेकरण र्ााँि औरण पडोस तक, औरण संस्थाओं द्वारणा आयोधजत बैठकों के साथ-साथ अन्य उभरणत ेमंचों सधहत धिधभन्न िकारण के पररणिेशों में, पूरणे समुिाय में आर्े बढ़ा ह।ै यह धनधित रूप से रणाष्ट्रीय अधििेशन की भी एक धिधशष्टता होर्ी। हम इस िातागलाप के आर्े बढ़ने से व्यधक्तर्त औरण सामूधहक कारणगिाई के पैिनग को मजबूत औरण धिस्तारण पात े हुए िखे ने के धलए उत्सुक ह।ैं सििै की भाधं त, यह एक िातागलाप ह ै धजसे धमत्रों, पडोधसयों औरण मानिजाधत की एकात्मकता परण आिाररणत आध्याधत्मक औरण भौधतक िर्धत लान े के ियास के साथ पहचाने जान े िाले समान धिचारणिारणा िाले लोर्ों के धनरणंतरण धिस्ततृ होते िायरणों के मध्य बढ़ाया जाना चाधहए। इस िातागलाप को धिस्ताररणत करणने के धलए बनाए जा रणह े अिसरणों—चाह े िे स्ितःस्फूतग हों या लंबे समय पहले स े योजनाबद्ध—समाज के साथ र्हन भार्ीिारणी का संकेत हैं, औरण हमें आशा ह ै दक उत्तरणोत्तरण औरण भी आम होत े जाएर्ं े।
व्यापक समाज में अनेक लोर्, जो बहाइयों की तृ मूल र्धतधिधियों से पररणधचत होते हैं, उनकी धिधशष्ट धिशेर्षताओं स े िभाधित हो जात े ह:ैं यह सभी की भलाई के धलए एक सच्ची चचतं ा से उत्पन्न होता है, यह एकता औरण सेिा की ओरण उन्मुख होती है, औरण यह स्पष्ट धसद्धांतों का पालन करणती ह ै दफरण भी हरण समस्या का तात्काधलक समािान होने का िािा नहीं करणतीं। साझा ियास की भािना में, बहाई-जन िसू रणों के साथ सहयोर् करणने औरण साथ में सीखने का ियास करणते हैं; औरण समाज में अधिकारण औरण ध़िम्मेिारणी के पिों परण आसीन लोर्ों के साथ अपने संबंिों में, िे र्ंभीरण औरण स्पष्टिािी होते ह।ैं िे रणाजनीधतक महत्िाकांक्षा या स्िाथ ग के बर्ैरण सामाधजक पररणितगन चाहते हैं, िे यह पहचानते ह ैं दक जैसे-जसै े िभुिमग की िधसधद्ध बढ़ेर्ी, यह सुधनधित करणना महत्िपू ग होर्ा दक इसके िास्तधिक स्िरूप औरण उद्दश्े य को भली-भांधत समझा जाए। अनेक स्थानों परण, समुिाय की समाज के साथ बढ़ती अंतःदियाओं का अधनिायग रूप स े अथग ह ै दक नई धस्थधतयों का सामना करणना पडर्े ा औरण नए िश्नों के उत्तरण िने े होंर्े, औरण यह समुिाय को अपनी सक्षमताओं को औरण धिकधसत करणन े के धलए बाध्य करण रणहा ह।ै
जैसा दक हमने हाल की सलाहकारणों के सम्मेलन को अपन े संिशे में स्पष्ट दकया था दक धपछले चारण िर्षों में एक महत्िपू ग धिकास यह रणहा है दक समुिाय योजना के एक अधिक सुस्पष्ट नायक के रूप में उभरण रणहा है, जो धिधशष्ट आिश्यकताओं को पूरणा करणन े औरण धिशेर्ष क्षेत्र के ियासों को आर्े बढ़ाने के धलए स्िय ं को संर्रठत करण रणहा है, सहभार्ी व्यिस्थाओं के माध्यम से पारणस्पररणक समथगन ििान करण रणहा है, औरण कारणगिाई के एक धिकधसत होते ढांचे म ें अधिक िभािी होना सीख रणहा ह।ै इसका एक उल्लेखनीय उिाहरण युिा समूह हैं, जो दकसी स्थानीय क्षेत्र में धमलकरण काम करण रणह े ह ैं औरण अपने साधथयों की भार्ीिारणी को िोत्साधहत करण रणह े ह।ैं स्िाभाधिक रूप से, उनके ियासों को संस्थाओं के स्नेहपू ग िोत्साहन औरण मार्गिशगन से अत्यधिक लाभ होता है, लेदकन युिाओं ने भी पहल करणने औरण सेिा के फलिायी मार्ों की पहचान करणने की अपनी क्षमता दिखाई ह।ै अधिकांश समय, उनके ियास संघर्ष ग औरण अव्यिस्था, आर्थगक असमानता औरण र्हरणे सामाधजक धिभाजनों की पृष्ठभूधम में हो रणह े ह।ैं हम उन चुनौधतयों को पहचानते ह ैं धजनका सामना युिा ऐसी पररणधस्थधतयों में करणत े हैं, औरण हम आलोचना औरण चनंिा करणने की इच्छा का धिरणोि करणने के धलए उनकी सरणाहना करणत े हैं: इसके स्थान परण िे इन थोपी र्ई बािाओं से बचने औरण अतं तः उन परण धिजय पाने की दिशा में काम करणने के धलए रणचनात्मक तरणीके खोज रणहे हैं। धिय धमत्रों, समय चाह ेदकतना ही उथल-पुथल भरणा क्यों न हों, हम आपसे आग्रह करणते ह ैं दक आप सशंदकत या हतोत्साधहत न हों। ‘अब्िलु-बहा’ हम सभी को ईश्वरण की कृपाओं परण भरणोसा करणन े की सलाह िते े हैं, औरण इसीधलए ‘सििै आशािान', अपनी आशा में 'िढ़ृ', औरण 'धनरणाश आत्मा के धलए आशा का कारण ' बनें। जब धिश्व के धक्षधतज अंिकारणमय हो जाते हैं, आशा एक िलु गभ औरण मूल्यिान संसािन बन जाती है—लेदकन यह एक चीज है, धजसका सिगमहान नाम के समुिाय को, िचुरणता का आशीिागि िाप्त रणहा है क्योंदक उसने मानिता के भधिष्य के बारणे में अपने िढ़ृ यकीन औरण अपने अनुभि से जो सीखा ह,ै असंख्य लोर् उस आशा के धलए तरणसते हैं, धजसे आप उनके हृिय में ला सकते ह।ैं आशा की लौ को लंबे समय से संजोए रणखने िाले समुिाय के एक सुनहरणे उिाहरण के धलए, हम उन पीधडत, परण सििै िैयगिान, सििै अधिर्, सििै चुनौधतयों का सुर्मता से सामना करणने िाले बहाउल्लाह के अनुयाधययों की ओरण िखे त े ह ैं जो िभुिमग के पालन े में ह।ैं िधे खए दक ि े दकतन े अनुशाधसत बन ेरणहे हैं, िशकों के अनिरणत उत्पीडन के बािजिू धसद्धांतों के िधत दकतना समर्पगत रणह े हैं—औरण यह भी दक िे अपने साथी अनुयाधययों द्वारणा अन्य िशे ों में की र्ई िर्धत स े सीखने के धलए दकतन े िढ़ृ करिबद्ध रणह े हैं, अपने ही िशे म ें अपने नार्ररणकों की सेिा औरण उन्ह ें सांत्िना िने े के धलए दकतने सकं धल्पत रणह े ह।ैं अपने अनेक िशे िाधसयों के धलए िे आशा की एक दकरण , करु ा औरण अंतिधगृ ष्ट का स्रोत औरण सेिा के मार्ग परण धिश्वसनीय साथी रणह े ह ैं औरण बने हुए ह।ैं हाल के सप्ताहों औरण महीनों में, ये धमत्र धजन्ह ें हम अत्यधिक पसंि करणते हैं, हमारणे धिचारणों म ें धनरणंतरण उपधस्थत रणह े ह ैं औरण हमारणी िाथगनाओं के बारण-बारण धिर्षय रणहे हैं, हमें यकीन ह ै दक ि े आपके धिचारणों में भी रणह े होंर्े, सिग-िेमपू ग िभु से यह िाथगना करणते हैं दक िे उन्ह ें अपने कोमल स्नेधहल िखे भाल के आचलंर्न में रणखें।
ईश्वरण के कायग को आर्े बढ़ाने के आपके अपने ियास हमारणी िाथगनाओं के केंि में कमतरण नहीं ह ैंधजन्हें हम पधित्र िहे रणी परण अर्पगत करणते हैं—धिशेर्षतः अब, नौ िर्षीय योजना के नए चरण के िारणंभ में। धजतनी बारण भी हम पधित्र समाधियों में जाते हैं, हम आपके ियासों के धलए दिव्य सहायता औरण सहयोर् की याचना करणत े हैं, औरण आपके श्रम में साहस औरण शधक्त के धलए अनुनय करणते हैं। आप कायग में तत्परण हों तथा सीखने को उत्सुक, औरण दिव्य साम्राज्य के सभी आशीिागि आप परण धिरणाजें।
- The Universal House of Justice